गुरु-शिष्य परंपरा से गुरु–भक्त परंपरा तक : जैन समाज की अवनति का मूल कारण

गुरु–शिष्य परंपरा में शिष्य गुरु के दोष भी देखता था और उनसे सीख लेकर स्वयं को सुधारता था. गुरु भी जानता था कि शिष्य अंधा…