हमारे जीवन में बार-बार रुकावटें क्यों आती हैं?

इसका कारण बहुत स्पष्ट है. हमने कभी न कभी, इस भव में या पूर्व भव में, किसी न किसी के जीवन में, उसके कार्य में,…
दिगंबर श्वेताम्बर स्थानकवासी

दिगंबर श्वेताम्बर झगड़ते रहे, स्थानकवासी आगे निकल गए!

आज जरूरत इस बात की है कि दिगंबर और श्वेतांबर समाज आत्ममंथन करें. यह समझें कि मंदिरों की संख्या बढ़ाने से समाज नहीं बढ़ता, बल्कि…