सिर्फ सम्प्रदायवाद नहीं, जैन समाज में जातिवाद और प्रांतवाद भी है!

लेकिन जैन समाज की समस्या केवल संप्रदायवाद तक सीमित नहीं है. इसके साथ-साथ जातिवाद, प्रांतवाद और भाषावाद भी बड़ी मात्रा में मौजूद हैं. इन सभी…