24 तीर्थंकरों के प्राकृत नाम | चउवीस तित्थयर णामाणि | 24 Teerthankar Names

24 तीर्थंकरों के प्राकृत नाम | चउवीस तित्थयर णामाणि | 24 Teerthankar Names

महावीर सांगलीकर

आज हम जैन तीर्थंकरों को जिन नामों से जानते है, वह उनके मूल नाम नहीं है. मूल नाम प्राकृत भाषा के है. बाद में इनको संस्कृत नामों में बदला गया. ऐसा करते वक्त सिर्फ अनुवाद नहीं किया गया, बल्कि कई नामों के पीछे ‘नाथ’ यह शब्द जोड़ा गया. कुछ जगह नाम ही बदल दिए गए.

नीचे तीर्थंकरों के मूल प्राकृत नाम और उनके बदले हुए नाम अर्थात संस्कृत नाम इनकी सूचि दी गयी है:

क्रमांकप्राकृत णामाणिसंस्कृत नाम
1उसभ (Usabh)ऋषभनाथ (आदिनाथ) (Rishabhnath / Adinath)
2अजिय (Ajiy)अजितनाथ (Ajitnath)
3संभव (Sambhav)संभवनाथ (Sambhavnath)
4अभिणंदणं (Abhinandan)अभिनंदन (Abhinandan)
5सुमइं (Sumai)सुमतिनाथ (Sumatinath)
6पउमप्पहं (Paumpah)पद्मप्रभ (Padmprabh)
7सुपासं (Supas)सुपार्श्वनाथ (Suparshwanath)
8चंदप्पहं (Chandpah)चन्द्रप्रभ (Chandrprabh)
9सुविहिं (पुफ्फदंतं) (Suvihi/ Pupphdant)सुविधिनाथ (पुष्पदंत) (Suvidhinath / Pushpdant)
10सीअल (Seeal)शीतलनाथ (Sheetalnath)
11सिज्जस (Sijjas)श्रेयांसनाथ (Shreyansnath)
12वासुपुज्ज (Vasupujj)वासुपूज्य (Vasupujya)
13विमल (Vimal)विमलनाथ (Vimalnath)
14अणंतं (Anant)अनंतनाथ (Anantnath)
15धम्मं (dhamm)धर्मनाथ (Dharmnath)
16संतिं (Santi)शांतिनाथ (Shantinath)
17कुंथुं (Kunthu)कुंथुंनाथ (Kunthunath)
18अरं (Ar)अरहनाथ (Arahnath)
19मल्लि (Malli)मल्लिनाथ (Mallinath)
20मुणिसुव्वयं (Munisuvvay)मुनिसुव्रत (Munisuvrat)
21नमि (Nami)नमिनाथ (Naminath)
22रिठ्ठनेमिं / अरिठ्ठनेमिं (Ritthnemi/ Aritthnemi)नेमिनाथ (Neminath)
23पासं (Paas)पार्श्वनाथ (Parshwanath)
24वद्धमाणं (Vaddhman)महावीर (Mahaveer)

यह भी पढिये….

भगवान महावीर के चातुर्मास और विहारमातंग वंश और जैन धर्म
जैन दर्शन का सारणमोकार मंत्र का इतिहास
रावण : श्रमण संस्कृति का साधक और रक्षकभगवान ऋषभदेव, अयोध्या और इक्ष्वाकु परंपरा
ध्यान किया नहीं जाता, हो जाता है!यीशु मसीह और जैन धर्म

Jains & Jainism (Online Jain Magazine)

They Won Hindi (हिंदी कहानियां व लेख)

TheyWon
English Short Stories & Articles

न्यूमरॉलॉजी हिंदी

5 thoughts on “24 तीर्थंकरों के प्राकृत नाम | चउवीस तित्थयर णामाणि | 24 Teerthankar Names

  1. बहुत ही लाभकारी जानकारी है यह सभी जैनों को पता होना चाहिए किस प्रकार से हम जुड़ सकते है
    पढ़ने योग्य पुस्तक कहा से मिल सकती है

  2. जयजिनैद्र, बहुत अचछिजानकारीदैनैकेलियेधनयवाद, ओरभीजानकारियादेतेरहै, ओरकोईविशेषपत्रिकानिकलतिहोतोहमसेसमपरककरे, कयोकिअभीहमलोगोकीपीढि, हीकरसकतिहै,, मेरा नाम, लक्षमीपतबैगानी, है, 12,ऐ, मिधवचटरजीसटरीट, कलकता, 700020, है, फोन, 9331003150,,हमलओगशववैतामबर, तेरापंथीजैनहै,।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *