जब एक अमरिकी महिला सैनिक ने जैन धर्म अपनाया…

साध्वी सिद्धाली श्री

महावीर सांगलीकर

एक अमेरिकन महिला सैनिक की कहानी, जिसने युद्ध भूमि पर अपना कर्तव्य निभाने के बाद जैन साध्वी जीवन अपनाया!

टॅमी हर्बस्टर इस युवती का जन्म एक अमरीकी कॅथोलिक परिवार में हुआ. शुरू से ही उसका रुझान आध्यात्मिक जीवन की ओर था. वह सही गुरू की तलाश में थी. इसके लिए वह कई साधुओं और स्वामीयों से मिलती रही. उसकी यह तलाश उस दिन खत्म हो गयी जिस दिन उसका परिचय आचार्य श्री योगीश से हुआ. तब उसकी आयु 20 साल थी.

अपनी आध्यात्मिक राह पर वह आगे बढ़ने ही वाली थी, लेकिन उस समय अमरीका का ईराक से घमासान युद्ध चालू था. टॅमी हर्बस्टर ने सोचा की पहले उसे अपना देश के प्रति अपना कर्तव्य निभाना चाहिए. टॅमी कम्बॅट मेडिक का प्रशिक्षण ले रही थी. सन 2004 में वह एक कम्बॅट मेडिक के तौर पर इराक रवाना हो गयी. उसका काम था घायल अमरीकी सैनिकों का इलाज करना, वह भी प्रत्यक्ष युद्धभूमि पर. अपना कर्तव्य 16 महिनों तक बखूबी निभाने के बाद वह वापस अपने देश चली गयी.

साध्वी सिद्धाली श्री

युद्ध भूमि पर टॅमी हर्बस्टर एक इराकी बच्चे के साथ

अमरिका लौटने पर उसने कॅलिफोर्निया स्टेट युनिवर्सिटी से अपना ग्रॅज्यूएशन पूरा किया. फिर वह अपने गुरू आचार्य श्री योगीश से मिली. इसी बीच उसने आचार्य श्री से विनती की कि उसे साध्वी दीक्षा दी जाये. उसके अनुसार सितम्बर 2008 में आचार्य श्री ने उसे एक छोटे से समारोह में दीक्षा दी. यह भारत के बाहर दी गयी पहली जैन साध्वी दीक्षा थी. टॅमी हर्बस्टर पहली अमरीकी महिला है जिसने एक जैन साध्वी जीवन का मार्ग अपनाया. उस समय उनकी आयु 24 साल थी. दीक्षा के बाद उसका नाम साध्वी सिद्धाली श्री रखा गया. उस समय आचार्य श्री योगीश ने कहा, ‘यह नाम आज तक के इतिहास में किसी भी साध्वी के लिए नहीं रखा गया था’

आचार्य श्री योगीश भारतीय मूल के हैं. उनका जन्म 1955 में दिल्ली में हुआ था. वह जन्म से हिंदू और कर्म से जैन हैं. अमरिका के टेक्सास राज्य में उन्होंने सिद्धायतन इस तीर्थ की स्थापना की है. उनके मिशन का प्रमुख उद्देश है जैन दर्शन, अहिंसा, शाकाहार का प्रचार-प्रसार करना. उनके जादातर अनुयायी अमरीकी और मेक्सिकन हैं.

आचार्य योगीश टॅमी हर्बस्टर को दीक्षा देते हुए

साध्वी सिद्धाली श्री जी एक महान लेखिका भी है. उन्होंने अध्यात्म, धर्म, दर्शन, व्यक्तिमत्व विकास आदि विषयों पर बहुत कुछ लिखा है और लिखती रहती है. उनके ब्लॉग पर ऐसे विषयों पर सेंकडो लेख प्रकाशित हो चुके हैं. उनकी ’31 Days to a Changed You’ यह पुस्तक अमरीका में एक लोकप्रिय पुस्तक है. उनका पियानो संगीत अल्बम Songs of the Sadhvi ध्यान धारणा के लिए उपयोगी सिद्ध हुआ है.

साध्वी सिद्धाली श्री जी की दीक्षा का व्हिडिओ

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