वीरवाल जैन समाज : एक प्रेरणादायक सामाजिक और धार्मिक परिवर्तन

लगभग 1950 के आसपास स्थानकवासी जैन मुनि समीर मुनीजी महाराज ने उदयपुर और मेवाड़ क्षेत्र में खटीक समुदाय से संपर्क किया. मुनीजी महाराज के सरल,…
आदिवासी जैन

क्या आदिवासियों का मूल धर्म जैन है ?

आदिवासी समुदाय के जैन होने का एक अकाट्य प्रमाण यह है कि आदिवासी क्षेत्र के जंगलो में प्रचुर मात्रा में तीर्थंकर मूर्तियों का होना. बंगाल…

संत समाज और वाणी संयम: आस्था, मर्यादा और ज़िम्मेदारी का सवाल

यह समझना ज़रूरी है कि यह सवाल केवल संत समाज का नहीं है, बल्कि पूरे समाज का है. अगर संत अपनी वाणी और आचरण से…

गाय, बिल्ली और एक विगन की कहानी

एक दिन अचानक उस घर में एक बिल्ली आ टपकी. दुबली-पतली, मासूम सी. किसान की पत्नी को उस पर दया आ गई. उसने एक कटोरी…

हमारे जीवन में बार-बार रुकावटें क्यों आती हैं?

इसका कारण बहुत स्पष्ट है. हमने कभी न कभी, इस भव में या पूर्व भव में, किसी न किसी के जीवन में, उसके कार्य में,…
दिगंबर श्वेताम्बर स्थानकवासी

दिगंबर श्वेताम्बर झगड़ते रहे, स्थानकवासी आगे निकल गए!

आज जरूरत इस बात की है कि दिगंबर और श्वेतांबर समाज आत्ममंथन करें. यह समझें कि मंदिरों की संख्या बढ़ाने से समाज नहीं बढ़ता, बल्कि…

घर–परिवार छोड़ा, पर महत्वाकांक्षाएं नहीं छोड़ी

अहंकार का यही रूप आगे चलकर असहिष्णुता बनता है. जो सच बोले, उसे धमकाना. जो प्रश्न करे, उसे विद्रोही ठहराना. और जो न झुके, उसके…
ध्यान

ध्यान किया नहीं जाता, हो जाता है!

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ध्यान कोई क्रिया नहीं है जिसे किया जाए. आम तौर पर हमें कहा जाता है, इस पर ध्यान करो,…