वनराज चावडा

वनराज चावडा: जैन धर्म के संरक्षक राजा

वनराज चावडा का जीवन शुरुआत से ही संघर्षों से भरा था. कई ऐतिहासिक ग्रंथों, जैसे कि कृष्णभट्ट की रत्नमाला और मेरुतुंग की प्रबंध चिंतामणि में…
यापनीय संप्रदाय

यापनीय संप्रदाय: जैन धर्म का भूला-बिसरा अध्याय

यापनीय संप्रदाय जैन धर्म के इतिहास का एक रोचक अध्याय है, जो जैन परंपराओं में विविधता और लचीलेपन को दर्शाता है. यह संप्रदाय आज भले…
भगवान महावीर

दर्शन पाठ (संस्कृत), हिंदी अनुवाद के साथ

दर्शनं देवदेवस्य, दर्शनं पापनाशनम्। दर्शनं स्वर्गसोपानं, दर्शनं मोक्षसाधनम्॥(1) दर्शनेन जिनेन्द्राणां, साधूनां वन्दनेन च। न चिरं तिष्ठते पापं, छिद्रहस्ते यथोदकम्॥(2)
जैन धर्म की प्राचीनता

दलित और आदिवासियों को जैन धर्म अपनाना चाहिए!

ऐसे दलित और आदिवासियों के लिए जैन धर्म एक श्रेष्ठ विकल्प हो सकता है. जैन धर्म एक शांतिपूर्ण, अहिंसक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित धर्म…
सम्प्रदायवाद ले डूबेगा जैन समाज को!

सम्प्रदायवाद ले डूबेगा जैन समाज को!

वास्तव में सम्प्रदायवाद कलहप्रियता का लक्षण है. कलहप्रियता एक मानसिक विकृति है. इसका सीधा मतलब यह है कि सम्प्रदायवादी लोग मनोरुग्ण हैं, इस बात को…
धार्मिक कट्टरतावादियों के लक्षण | हर धर्म खतरे में !

धार्मिक कट्टरतावाद | हर धर्म खतरे में !

हर धर्म के कट्टरतावादी अनुयायी मानते हैं की उनका धर्म विज्ञान के अनुसार है. भले ही यह अनुयायी विज्ञान क्या है और उनका धर्म क्या…
जैन का मतलब होता है वह व्यक्ति, जो जैन धर्म का पालन करता है.

जैन समाज क्या है? इसका सही स्वरुप जानिये!

जैन का मतलब होता है वह व्यक्ति, जो जैन धर्म का पालन करता है. जिस समाज में जैन धर्म का पालन करने वालों की संख्या…
आचार्य विजय धर्मधुरन्दर सूरी

भाग्यशाली तो वह है जो कर्म से जैन होते हैं…

मनुष्य जन्म नहीं बल्कि कर्म से महान बनता है. इसी प्रकार मनुष्य जन्म से नहीं बल्कि आचरण से जैन बनता है. इसलिए जैन कुल में…