Author: jainmission.theywon.in
क्यों विगन्स को जैन धर्म अपनाना चाहिए?
कई विगन्स अपनी जीवनशैली में पहले से ही जागरूकता का पालन करते हैं, लेकिन जैन धर्म एक व्यवस्थित मार्ग प्रदान करता है जो आध्यात्मिक विकास…
आचार्य शांतिसागर: दिगंबर मुनि परंपरा के अग्रदूत
आचार्य शांतिसागर जी ने जैन धर्म के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया. उन्हें "चरित्र चक्रवर्ती" (सद्गुणों के सम्राट), "मुनिराज" (साधुओं के राजा) और "शीलसिंधु" (आचरण…
भामाशाह: महाराणा प्रताप के सच्चे साथी
भामाशाह का जन्म 29 अप्रैल 1547 को एक प्रतिष्ठित ओसवाल जैन परिवार में हुआ था. उनके पिता भारमल मेवाड़ के राजा उदय सिंह द्वितीय के…
वनराज चावडा: जैन धर्म के संरक्षक राजा
वनराज चावडा का जीवन शुरुआत से ही संघर्षों से भरा था. कई ऐतिहासिक ग्रंथों, जैसे कि कृष्णभट्ट की रत्नमाला और मेरुतुंग की प्रबंध चिंतामणि में…
यापनीय संप्रदाय: जैन धर्म का भूला-बिसरा अध्याय
यापनीय संप्रदाय जैन धर्म के इतिहास का एक रोचक अध्याय है, जो जैन परंपराओं में विविधता और लचीलेपन को दर्शाता है. यह संप्रदाय आज भले…
दर्शन पाठ (संस्कृत), हिंदी अनुवाद के साथ
दर्शनं देवदेवस्य, दर्शनं पापनाशनम्। दर्शनं स्वर्गसोपानं, दर्शनं मोक्षसाधनम्॥(1) दर्शनेन जिनेन्द्राणां, साधूनां वन्दनेन च। न चिरं तिष्ठते पापं, छिद्रहस्ते यथोदकम्॥(2)
दलित और आदिवासियों को जैन धर्म अपनाना चाहिए!
ऐसे दलित और आदिवासियों के लिए जैन धर्म एक श्रेष्ठ विकल्प हो सकता है. जैन धर्म एक शांतिपूर्ण, अहिंसक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित धर्म…
सम्प्रदायवाद ले डूबेगा जैन समाज को!
वास्तव में सम्प्रदायवाद कलहप्रियता का लक्षण है. कलहप्रियता एक मानसिक विकृति है. इसका सीधा मतलब यह है कि सम्प्रदायवादी लोग मनोरुग्ण हैं, इस बात को…
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