Author: jainmission.theywon.in
मातंग वंश और जैन धर्म
मातंग वंश का इतिहास गौरवशाली और प्राचीन है, लेकिन इसपर ज्यादा शोध कार्य नहीं हुआ है. जो कुछ शोधकार्य हो गया है है वह बौद्ध…
“जय जिनेन्द्र” की शुरुआत कब हुई?
634 ईस्वी के एक शिलालेख में "जय जिन" लिखा मिलता है, जो "जय जिनेन्द्र" जैसा ही है. यह शिलालेख कर्नाटक के मेगुति मंदिर की दीवार…
वेश्या व्यवसाय: मानव तस्करी रोकने के लिए एक जैन साध्वी ने की पहल
दुनियाभर में वेश्याव्यवसाय के लिए लाखों युवतियों का अपहरण किया जाता है. इसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए साध्वी सिद्धाली श्री ने Stopping Traffic इस…
जैन युवकों को सेनाओं में शामिल होना चाहिए….
भारतीय सेना में जैन समाज की भागीदारी कोई नयी बात नहीं है. हमारे इतिहास में कई उदाहरण हैं, जब जैन योद्धाओं, सेनापतियों और नायकों ने…
जाट समाज और जैन धर्म
आधुनिक काल में जाटों में जैन धर्म के अनुयायी बड़ी संख्या में पाए जाते हैं. इन्हें 'जैन जाट' या 'जाट जैन' कहा जाता है. इनमें…
दिगंबर जैन समाज आत्मपरीक्षण करें ……..
खैर, दिगंबर जैन समाज के नेता और मुनि, और साथ में श्रावक भी, चाहे वह दक्षिण के हो या उत्तर के, इनमें साम्प्रदायिक कट्टरता कूट-कूट…
महाराष्ट्र का जैन कासार समाज
जैन कासार समाज महाराष्ट्र के जैन समाज का एक महत्व पूर्ण हिस्सा है. यह समाज पूरे महाराष्ट्र में दिखाई देता है, फिर भी दक्षिण महाराष्ट्र…
भक्तामर स्तोत्र (संस्कृत)| Bhaktamar Stotra
भक्तामर स्तोत्र का जैन धर्म में बडा महत्व है. आचार्य मानतुंग का लिखा भक्तामर स्तोत्र सभी जैन परंपराओं में सबसे लोकप्रिय संस्कृत प्रार्थना है
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