Category: समाज
यापनीय संप्रदाय: जैन धर्म का भूला-बिसरा अध्याय
यापनीय संप्रदाय जैन धर्म के इतिहास का एक रोचक अध्याय है, जो जैन परंपराओं में विविधता और लचीलेपन को दर्शाता है. यह संप्रदाय आज भले…
दलित और आदिवासियों को जैन धर्म अपनाना चाहिए!
ऐसे दलित और आदिवासियों के लिए जैन धर्म एक श्रेष्ठ विकल्प हो सकता है. जैन धर्म एक शांतिपूर्ण, अहिंसक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित धर्म…
सम्प्रदायवाद ले डूबेगा जैन समाज को!
वास्तव में सम्प्रदायवाद कलहप्रियता का लक्षण है. कलहप्रियता एक मानसिक विकृति है. इसका सीधा मतलब यह है कि सम्प्रदायवादी लोग मनोरुग्ण हैं, इस बात को…
धार्मिक कट्टरतावाद | हर धर्म खतरे में !
हर धर्म के कट्टरतावादी अनुयायी मानते हैं की उनका धर्म विज्ञान के अनुसार है. भले ही यह अनुयायी विज्ञान क्या है और उनका धर्म क्या…
मातंग वंश और जैन धर्म
मातंग वंश का इतिहास गौरवशाली और प्राचीन है, लेकिन इसपर ज्यादा शोध कार्य नहीं हुआ है. जो कुछ शोधकार्य हो गया है है वह बौद्ध…
जैन युवकों को सेनाओं में शामिल होना चाहिए….
भारतीय सेना में जैन समाज की भागीदारी कोई नयी बात नहीं है. हमारे इतिहास में कई उदाहरण हैं, जब जैन योद्धाओं, सेनापतियों और नायकों ने…
जाट समाज और जैन धर्म
आधुनिक काल में जाटों में जैन धर्म के अनुयायी बड़ी संख्या में पाए जाते हैं. इन्हें 'जैन जाट' या 'जाट जैन' कहा जाता है. इनमें…
दिगंबर जैन समाज आत्मपरीक्षण करें ……..
खैर, दिगंबर जैन समाज के नेता और मुनि, और साथ में श्रावक भी, चाहे वह दक्षिण के हो या उत्तर के, इनमें साम्प्रदायिक कट्टरता कूट-कूट…
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