वीरवाल जैन समाज : एक प्रेरणादायक सामाजिक और धार्मिक परिवर्तन

लगभग 1950 के आसपास स्थानकवासी जैन मुनि समीर मुनीजी महाराज ने उदयपुर और मेवाड़ क्षेत्र में खटीक समुदाय से संपर्क किया. मुनीजी महाराज के सरल,…

गुरु-शिष्य परंपरा से गुरु–भक्त परंपरा तक : जैन समाज की अवनति का मूल कारण

गुरु–शिष्य परंपरा में शिष्य गुरु के दोष भी देखता था और उनसे सीख लेकर स्वयं को सुधारता था. गुरु भी जानता था कि शिष्य अंधा…
Muni Mayaram

जाट समाज और जैन धर्म

आधुनिक काल में जाटों में जैन धर्म के अनुयायी बड़ी संख्या में पाए जाते हैं. इन्हें 'जैन जाट' या 'जाट जैन' कहा जाता है. इनमें…