Tag: जैन समाज
गुरु-शिष्य परंपरा से गुरु–भक्त परंपरा तक : जैन समाज की अवनति का मूल कारण
गुरु–शिष्य परंपरा में शिष्य गुरु के दोष भी देखता था और उनसे सीख लेकर स्वयं को सुधारता था. गुरु भी जानता था कि शिष्य अंधा…
मनुष्य की पीड़ा पर कब बोलेंगे जैन लोग?
अगर अहिंसा केवल थाली और रसोई तक सीमित रह जाए, और युद्ध, हत्या व नरसंहार पर मौन साध लिया जाए, तो ऐसी अहिंसा खोखली बन…
सामुदायिक विवाह आंदोलन: समय की जरूरत
एक ही स्थान पर आयोजित होने वाले सामुदायिक विवाह समारोहों से समाज का पैसा सार्थक और पुण्य कार्यों में उपयोग हो सकता है. कोरोना काल…
महावीर और उनके अनुयायी
महावीर शोषण, गुलामी, हिंसा, झूठ, चोरी, परिग्रह जैसी बातो के खिलाफ थे. आजकल के जैन साधू और लोग सिर्फ हिंसा के खिलाफ ही बोलते है,…
नए ज़माने में नए जैन धर्म की ज़रूरत
आज जैन धर्म का मतलब बहुत हद तक खाने-पीने की पाबंदियों, लंबे उपवासों और कुछ खास नियमों तक सीमित हो गया है. कई बार ऐसा…
वेगन दलीलें और जैन सिद्धांत
यह लेख न तो वेगनवाद के खिलाफ है और न ही डेयरी के पक्ष में. इसका मक़सद बस यह समझना है कि कैसे दार्शनिक विचारों…
वेगनिज़्म के नाम पर जैनों को निशाना बनाना बंद करो
अगर पशु अधिकार की बात करने वालों में उतना साहस है जितना वे दिखाते हैं, तो वे जाएं उस विशाल बहुमत के पास जो भारी…
कहानी | एक जैन लड़की से प्यार
फिर एक दिन मैंने उससे कहा, “चलो, कल हम कॉलेज से छुट्टी लेते हैं, और लंच के लिए जाते हैं.” उसने मेरी ओर विचित्र नजरों…