Tag: जैन दर्शन
निर्दोष दृष्टि: उपदेशों के पीछे छुपा रहस्य
इसलिए विनती है कि चाहे कोई गृहस्थ हो या संन्यासी, जैन हो या किसी और धर्म का हो, अगर आपके पास ऐसी निर्दोष दृष्टि है…
जैन परंपरा में योग
जैनों और श्रमण आंदोलन के आचार्यों के लिए प्रारंभ में योग का अर्थ ही व्रत था. व्रत, जिसमें विशेष साधनाएं आवश्यक थीं, संभवतः योग का…
ईरान का राजकुमार आर्द्रक बन गया जैन मुनि
प्राचीन समय में जैन धर्म का प्रचार-प्रसार भारत की सरहदों से बाहर, ईरान तक पहुंच चुका था. इसका एक पक्का उदाहरण मिलता है. ईरान में…
धर्म के नाम पर धोखा: बाहरी तपस्या की कड़वी सच्चाई
यह बात सुनकर शायद आपको आश्चर्य हो, लेकिन सच्चाई यह है कि भगवान आदिनाथ से लेकर भगवान महावीर स्वामी तक, किसी भी तीर्थंकर ने बाहरी…
जैन दर्शन का सार
जैन दर्शन आत्मा की स्वतंत्रता को महत्व देता है, इसलिए विवेक आधारित जीवन को ही श्रेष्ठ माना गया है.बाहरी अनुशासन में डर, दबाव या परंपरा…