Category: समाज
नए ज़माने में नए जैन धर्म की ज़रूरत
आज जैन धर्म का मतलब बहुत हद तक खाने-पीने की पाबंदियों, लंबे उपवासों और कुछ खास नियमों तक सीमित हो गया है. कई बार ऐसा…
ग्लोबल वॉर्मिंग, वीगन एक्टिविज़्म और एक वास्तविकता
वैज्ञानिक अध्ययनों से साफ़ पता चलता है कि हम क्या खाते हैं, इससे पर्यावरण पर पड़ने वाला असर बहुत बदल जाता है. जो लोग मांस…
शाकाहारी लोगों को वेगन नहीं बनना चाहिए
बच्चों के लिए तो यह और भी खतनाक है. उनकी हड्डियां, दिमाग और शरीर बहुत तीव्र गति से बढ़ते हैं. उन्हें प्रचुर प्रोटीन, कैल्शियम और…
वेगनिज़्म के नाम पर जैनों को निशाना बनाना बंद करो
अगर पशु अधिकार की बात करने वालों में उतना साहस है जितना वे दिखाते हैं, तो वे जाएं उस विशाल बहुमत के पास जो भारी…
जैन धर्म का बढ़ता प्रभाव और उसका लाभ
जैन समाज का प्रभाव और प्रतिष्ठा हर क्षेत्र में बढ़ गई है. जैन युवक और युवतियां हर क्षेत्र में बड़ा काम कर रहें हैं. पूरे…
मैंने मंदिर जाना छोड दिया
उस दिन से आज तक मैं किसी मंदिर में गया नहीं. आगे भी कभी नहीं जाऊंगा. मैं नहीं चाहता कि मैं भी उनके जैसा बनूं.…
रावण : श्रमण संस्कृति का साधक और रक्षक
यह एक रोचक तथ्य है कि जिन हिंदी प्रदेशों में सामंती प्रथा और धार्मिक लुटेरों का वर्चस्व अधिक था, वहीं रावण के सबसे अधिक पुतले…
मुग़ल काल में जैन धर्म और समाज
मुगलों के प्रभाव से जैन मंदिरों पर गुमट और मंदिरों के भीतर मुग़ल कुम्भी और भित्तिचित्र दिखाई देने लगे. दूसरी और फारसी कविताओं में जैन…
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