Category: समाज
दिगंबर-श्वेतांबर विवाह: समय की पुकार
आधुनिक युग में सामजिक तौर पर दिगंबर और श्वेताम्बर समाज के बीच की खाई कम हो रही है. (भले ही कुछ कलहप्रिय और कट्टरतावादी लोग…
जातीय जनगणना और जैन समाज
कुछ जैन लोग ऐसा प्रचार कर रहे हैं कि जैनियों को जाति के कॉलम में भी जैन लिखना चाहिए. यह एक निहायत ही गलत बात…
जैन जातियों की सूचि | List of Jain Castes | जैन समाज
भारत सरकार के भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण इस संस्था ने किये हुए सर्वेक्षण के अनुसार भारत में 120 से अधिक समुदाय ऐसे है जो जैन…
खतरे में है जैन समाज का भविष्य
जैन समाज अपना भविष्य सुरक्षित देखना चाहता है, अपनी भावी पीढ़ी को फलते-फूलते हुए देखना चाहता है तो समाज को गहरे चिंतन मनन की आवश्यकता…
बिना साधुओं और बिना मंदिरों का जैन समाज
जैन समाज में बडी संख्या में ऐसे लोग हैं जो ना मंदिर जाते हैं और ना ही साधुओं के पास जाते हैं. फिर भी उनमें…
क्यों विगन्स को जैन धर्म अपनाना चाहिए?
कई विगन्स अपनी जीवनशैली में पहले से ही जागरूकता का पालन करते हैं, लेकिन जैन धर्म एक व्यवस्थित मार्ग प्रदान करता है जो आध्यात्मिक विकास…
आचार्य शांतिसागर: दिगंबर मुनि परंपरा के अग्रदूत
आचार्य शांतिसागर जी ने जैन धर्म के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया. उन्हें "चरित्र चक्रवर्ती" (सद्गुणों के सम्राट), "मुनिराज" (साधुओं के राजा) और "शीलसिंधु" (आचरण…
भामाशाह: महाराणा प्रताप के सच्चे साथी
भामाशाह का जन्म 29 अप्रैल 1547 को एक प्रतिष्ठित ओसवाल जैन परिवार में हुआ था. उनके पिता भारमल मेवाड़ के राजा उदय सिंह द्वितीय के…